बिटिया की कीमत 25 हज़ार रूपये

मैं अपने गौव में शाम को टहल रहा था ,जाड़े का मौसम है इसलिए लोग कई जगह अलाव जलाकर बैठे रहते है
ऐसे ही किसी अधिक आग वाले अलाव की तलाश में अपने घर की आस पास की गलियों में घूम रहा था ,तभी अचानक जोर जोर से हसने की आवाज आई ,देखा तो  पड़ोस में रहने वाली दाई की हसने की आवाजे आ रही थी ,
 

मैं कोतुहल से आगे बड़ते हुए उनके पास गया और पूछा
"क्या हुआ दाई इतनी हसी क्यों आ रही है " दाई की हसी अभी भी नही रूक रही थी दाई ने हसते हुए कहा "अरे भैया रामचरण की तो जिन्दगी बन गयी "  ,रामचरण उनके खेतो में काम वाला गरीब मजदूर है,जो वही पर खड़ा था 
मैंने बड़े अचरज से पूछा "कैसे दाई ?"

 
दाई ने कहा "अरे भैया तो तालाब के पास वाला जो खेत है उसका सारा गन्ना मिल पहुच गया है सो खेत को जलाने के लिए तुम्हारे बाबा और रामचरण गए थे ,साथ में रामचरण की बिटिया भी गयी थी होगी कोई 3 या 4 साल की "
खेत में कही पैरा के डेर लगा हुआ था वही पर उसकी बिटिया लूका छुपी खेल रही थी , कोई तो जान नही पाया वो उसके अन्दर है और उसी आग में जल भुज गयी "


"अरे ये तो बहुत बुरा हुआ " मेरे  दिलो दिमाग में एक अँधेरा सा छा गया
दाई ने भी तो उत्तर दिया "कुछ बुरा नही हुआ लोंडिया ही तो थी और पुरे 25 हज़ार दिए इनकी लड़की की कीमत  ,इतना पैसा देखे भी होगे ,मर के अपने बाप की किस्मत बना गयी "

मैंने पास में सर झुकाए राम चरण को देखा और बोला "हा आप सही
है,सच में इनकी किस्मत बदल गयी "

नए साल की बधाई